My Conversation With Corona

तो हुआ यूं के हमारे मोहल्ले मे दो चार लोगो को हो गई कोरोना । तो मजबूरन उन लोगो को होम Quarantine मे जाना पढ़ा । मेरे मोहल्ले मे एक एंकल है जिनकी एक बेटे को कोरोना ने जकर लिया, बेचारा दुर्गा पुजा की छुट्टी मे आया था घर, घरवालो के साथ वक़्त बिताएगा, घूमेगा-फिरेगा । घूमना-फिरना तो दूर की बात एंकल को ही माना कर दिया गया के मोहल्ले के पूजा मे ना आए, इस आंकल से  काफी पुरानी पहचान है हमारी, बहुत ही खुशमिजाज़ इंसान है । उनकी ऐसी दिक्कत सुनके मुझे बहोत बुरा लगा । 

 

 

तो, दो चार दिन पहले की बात है, हम जा रहे थे बाज़ार शाम को, तभी रास्ते मे कोरोना मिल गया, कुछ सवाल थे ज़ेहन मे, बहोत दीनो से मिलना चा रहे थे हम  कोरोना से  , मुलाकात हो गई तो दिल खुशी से डगमगा उठा, आज तो पूछ कर ही रहंगे सोच कर कोरोना को बुलाया हमने ...

 

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