The Story: ब्राम्हण के विषय में, गीदड़ और वानर के वार्तालाप का दृष्टान्त

इस विषय में सियार और वानर के संवाद रूप एक प्राचीन इतिहास का दृष्टांत दिया जाता है।

पूर्व काल की बात है, एक सियार और वानर एक स्थान पर मिले। ये दोनों पूर्व जन्म में मनुष्य और परस्पर मित्र थे। दूसरी जन्म में इन्हें सियार और वानर की योनि में जन्म लेना पड़ा था। 

सियार को मरघट में मुर्दे खाता देख वानर ने पूर्व जन्म का स्मरण करके पूछा --  भैया ! मुझे पूर्व जन्म के हमारी और तुम्हारी मित्रता का पूरा स्मरण है । तुमने पूर्व जन्म में कौन-सा भयंकर पाप किया था, जिसके कारण तुम्हें मरघट में घृणा के योग्य सड़ा हुआ मुर्दा खाना पड़ता है ? 

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