अच्छे स्वभाव वाले लोगों को पहचानने का तरीका , The story of the lion and the jackal

उधर शेर को जब भूख लगी और वह भोजन के लिए उठा तो उसके आने के लिए रखा हुआ मांस दिखाई  नहीं पड़ा । शेर ने चोर का पता लगाने के लिए नौकरों को आज्ञा दी  । तब जिनकी यह करतूत थी, उन्हीं लोगों ने शेर से उस मांस के बारे में बताया - महाराज ! अपने को बड़ा बुद्धिमान और पंडित मानने वाले सियार महोदय ने ही आपके मांस का अपहरण किया है  । सियार कि यह चपलता सुनकर शेर गुस्से से भर गया और उसको मार डालने का विचार करने लगा । 

उस समय सियार के प्रतिकूल कुछ कहने का मौका देखकर पहले के मंत्री लोग शेर से कहने लगे -  राजन  ! वह तो बातों से ही धर्मात्मा बना हुआ है , स्वभाव का बड़ा कुटिल है,  भीतर का पापी है,  मगर ऊपर से धर्म का ढोंग बनाए हुए है। उसका सारा आचार - विचार दिखावे के लिए है । यह कहकर वे क्षण भर में उस मांस को सियार की मांद से उठा ले आए । शेर ने उनकी बातें सुनीं और जब निश्चय हो गया कि सियार ने ही मांस ले ले गया था तो उसने उसको मार डालने की आज्ञा दे दी।

 शेर की यह बात जब ---

Continue Reading

Related Entertainment Articles See all Articles

line.svg